वास्तु मे जिस वस्तु को जहा होना चाहे उसे वही रखना चाहिए। काँच का नियत स्थान ड्रेसिंग कमरा हे अर्थात इसे बेडरूम मे नही होना चाहिए। अक्सर जो ग़लत जगह देखने मे आती हे जहा काँच नही लगे होने चाहिए वो इस प्रकार हे :
डबल बेड के पीछे।
दरवाजो,खिड़कियो,मेहराबो और मकान के बाहर ।
दरवाजा खोलते ही सामने ।
अलमारी पर या अलमारी के पॅलो पर ।
काँच के सामने टीवी ।
एक काँच के सामने दूसरा काँच ।
एसी जगह जहा पर से दरवाजा खुलता और बंद होता नज़र आता हो ।
किचन और स्टडी रूम मे कतई नही हो ।
छत पर ।
टेबल पर ।
पूजा घर मे देव हेतु होना तो चाहिए पर प्रयोग के बाद उलटा रखे ।
बैठक के पीछे, दाए, बाए या ठीक सामने ।
गाड़ी, जलता बल्ब और चलता पंखा काँच मे नज़र नही आए ।
आते जाते लोगबाग या वाहन काँच मे नज़र नही आए ।
तिजोरी या कॅश बॉक्स ।
साउंड सिस्टम की निकलती ध्वनि काँच से टकराएँ नही ।
टॉयलेट मे चलता हुआ नल, कमोड, वॉश बेसिन नज़र नही आए ।
फर्श का मार्बल काँच की तरह चमकता नही होना चाहिए ।
संपूर्ण कमरा काँच का हो सकता है पर वो केवल मनोरंजन हेतु ही प्रयोग मे लिया जाए ।