शंकु निधान [स्थापना]

आम, पलाश, लालचंदन, नीम, रक्तशाल, बिल्व या अर्जुन की लकड़ी का शंकु बनाया जाता हे। सभी वर्णो के लिए 12 अंगुल लंबा शंकु बनाना चाहिए। शंकु को बराबर तीन भागो मॅ विभाजित करे। सबसे नीचे वाला भाग चतुरसार[चोकोन], मध्य भाग को अस्ट्सार [अष्टकोन] और उपर वाले भाग को लिंगाकार गोल होना चाहिए।
शंकु स्थापना शुभ मुहूर्त के समय स्वर्ण, वस्त्र, शुद्ध मृतिका, गंध, धूप, दीप देकर माले से अलंकृत कर वास्तुपुरुष की नाभि मे गाड़ देना चाहिए।
वास्तुपुरुष की नाभि का निर्णय इस प्रकार किया जाता हे:-
सिंह, कन्या, तुलास्त सूर्य के समय वास्तुपुरुष का शीर्ष पूर्व मे;
वृस्चिक धनु, मकरस्त के समय दक्षिण मे ;
कुंभ, मीन, मेष्स्थ सूर्य के समय पश्चिम मे और
वृषभ, मिथुन, कर्कस्थ सूर्य के समय उत्तर मे होता है ।
वास्तुपुरुष भूमी के इस छोर से उस छोर तक बाई करवट लेटा रहता हे. गृह द्वार जिस दिशा मॅ बनाना हे, उसी दिशा मॅ वास्तुपुरुष का जब शीर्ष हो [जिस सौर मास मे हो] तब भूमी के मध्य से गुजरती उसी दिशा [वास्तुशीर्ष दिशा] की और जाती सरल रेखा बनाए. यह रेखा ग्रहभूमी के दोनो छोर को छुएगी| इस रेखा का एक छोर वास्तुपुरुष का शीर्ष और दूसरा छोर पैर​ होगा | इस रेखा के समान 28 भाग करे| वास्तुपुरुष के पैर​ वाले बिंदु से 17 भाग छोड़कर 18वा [सिर से 11वा] भाग वास्तुपुरुष की नाभि हे| इस नाभि से दाँयी और [वास्तुपुरुष से बाई और] एक हाथ गहरा गर्त खोदिए, जिसकी लंबाई, चोडाई वास्तुपुरुष के शरीर के 28वे भाग के बराबर हो. इस गर्त मे पूर्वोक्त [उपरोक्त] शंकु गाड़ना चाहिए ।

उदाहराण: पूर्व मुखी भूमि के लिए, जब सूर्य सिंह, कन्या, तुल्स्थ हो उस समय इस भूमी के मध्य से गुजरती सरल रेखा \”क\” \”ख\” खिचे | यह रेखा पूर्व और पेश्चिम वाली भुजा के मध्य बिंदु को छू रही हे.यह \”क\” \”ख\” रेखा वास्तुपुरुष का शरीर हे | \”.क\” बिंदु वास्तुपुरुष का सर और \”ख\” बिंदु पेर हे| वास्तुपुरुष के इस शरीर को 28 भागो मे विभक्त किया गया हे | \”ख\” से उपर 18वा भाग वास्तुपुरुष की नाभि हे जिसे ← चिन्हित किया गया हे |

विशेष :- ध्यान रखनेवाली बात यह हे की वास्तुपुरुष बाई करवट लेता हे 18वा [सिर से 11वा] भाग उसकी नाभि \”क ख\” रेखा से दाई और वाली भाग मे होगी. यह भी ध्यान रहे कि गर्त नाभि की स्पर्श करे, लॅकिन उसके उपर न हो| इसी नाभीगतृ उपरोक्त शंकु गाड़ना चाहिए ।
एसा ग्रहस्वयामी सभी प्रकार की सुख समृध्दी प्राप्त करता हे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share via
Copy link
Powered by Social Snap